पता नहीं

पता नहीं तुझे मेरी याद आती भी है या नहीं??
मैं तो रोज दिल को बताता हूं की नहीं आज तुझे याद नहीं करना है...
पर ये बताने के लिए तो तेरी याद आ ही जाती है...
कभी-कभी सोचता हूं कितने दिन तेरी याद आती रहेगी??
2 दिन 2 हफ्ते या फिर पूरी जिंदगी निकल जाएगी इसमें...
पता नहीं...

तूने नोटिस किया था कि नहीं... 
पता नहीं... 
लेकिन जब से तुझे देखा था 
मैंने मेरे आने जाने का time भी बदल दिया था 
कुछ काम नहीं रहता था मेरा college में 
फिर भी तेरे एक hii और एक bye के लिए college के बाहर घंटो बैठा रहता था 
कुछ बात भी नहीं करते थे हम एक दूसरे से
लेकिन कुछ तो हो जाता था मुझे तेरे आ जाने से 
अब तो रोज का हुआ था तेरा hii और bye का सिलसिला पर मेरे दिल को तुझे और अच्छे से जानना था

फेसबुक पर मैंने तेरा प्रोफाइल भी ढूंढ लिया था
रोज सोचता था आज request भेज देता हूं
पर रोज ही घबरा जाता था 
फिर 1 दिन सोचा जो होगा देखा जाएगा 
अब request तो send हो गई थी पर ये दिल अभी भी वही अटका पड़ा था
Finally तू ने request accept कर ही ली और मैं पागलों की तरह उसके भी screenshot लेने लगा...
धीरे-धीरे conversation बढ़ता गया
दिन हो रात हो किसी का ख्याल नहीं आया
खोलकर रखता था मैं सारी दिल की बातें
बस एक बात छोड़ कर...
अब तो बस लगने लगा था yes we are made for eachother
But गलत था मैं, ये सब तो मेरे ही दिमाग का खेल था...


एक बात जो छोड़ दी थी
आज बोल ही दी...और देख तू नहीं आज मेरे साथ...
मन ही मन पता था ऐसा ही होने वाला है
कुछ नहीं रहने वाला मेरे हाथ...
बुरा तो इस बात का लग रहा है कि जो दोस्ती थी हमारे बीच वो भी नहीं रही अब
कितनी बड़ी गलती कर दी एहसास हुआ तब
जो हुआ उसे बदल तो नहीं सकता पर दुआ करता हूं
जिंदगी में हम फिर से मिले... वहीं जहां पहले मिले थे
मैं फिर से college के बाहर इंतजार करने के लिए तैयार हूं
तू फिर से एक hii और एक smile कर दे
मैं फिर से इंतजार करने के लिए तैयार हूं...

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

सिग्नल

ती...