शायद ही कोई और होगा...

क्या चल रहा है ज़िंदगी में बतलाना आसान नहीं,
खुशी हो या गम आपकी याद न आयी ऐसा कोई दिन नहीं।
आपका साथ था तो कुछ आसान सी थी ज़िंदगी,
आप के जाने से कुछ रुक सी गयी है ज़िंदगी...
मुश्किलों का आना तो कुछ नया नहीं है ज़िंदगी में मेरी
उनसे तो बचपन से ही गुफ्तगू हो रही है मेरी,
जब जरूरत थी तब मां ने भी छोड़ दिया था साथ,
तब से आप ही ने थामा है मेरा हाथ।
दुनिया से लड़ना भी आप ही से सीखा था, और दुनिया को जितना भी...
आपका खाने के लिए डांटना भी याद है, और मेरे बीमार पड़ने पे रोना भी....
मेरे b'day पे पहला call भी आप ही का आता था,
शायद ही कोई और होगा जो मेरे लिए रातभर जागता था।
मेरे घर आने की बात सुनकर खुशी से जो झूम उठता था
शायद ही कोई और होगा जो मेरे आने से पहले गेट पर मेरी राह देखता था।
आप साथ थे मेरे, मेरे लड़ने की ताकद थी जो, 
आज भी है आपकी दि हुई सीख, रंगीन तालीम थी जो।
आप की याद तो आती रहेगी, तकिया भी गीला होता रहेगा
पर आपके सपनों को पूरा करना बस यही एक ख्याब रहेगा।
फ़िर से उठूंगी मै, फिर से लढूंगी मै,
मै भी आप ही का हिस्सा हूं, कभी हार नहीं मानुंगी मै...
#DaughterDadLove

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